ब्रह्मन से अर-रहमान तक: क्या ईश्वर हर चीज़ में है? | सत्य की खोज
Muslim · 3 - 6
हज़ारों सालों से भारत में इंसान “सच” की तलाश करता आया है—क्या सच में ईश्वर हर चीज़ में समाया हुआ है: पत्थर, पेड़, आग, इंसान? यह वीडियो “ब्रह्मन” की धारणा को सामने रखता है, फिर एक सीधा सवाल उठाता है: अगर ईश्वर हर चीज़ में है, तो “इस सब” को बनाने वाला कौन है? वीडियो रोज़मर्रा की भारतीय ज़िंदगी के दृश्य लेकर, बिना टकराव और बिना भावुक शोर के, बुद्धि और फितरत (मानवीय सहज समझ) से बात करता है: अगर पत्थर भी ईश्वर है तो वह टूटता कैसे है? आग ईश्वर का हिस्सा है तो पानी से बुझती क्यों है? और अगर अच्छाई-बुराई दोनों उसी में हों, तो पवित्रता का अर्थ क्या रह जाता है? फिर इस्लाम का स्पष्ट संदेश आता है: “अल्लाह हर चीज़ का पैदा करने वाला है।” ईश्वर सृष्टि में “घुल” नहीं जाता, बल्कि वह जीवित, सुनने वाला, मार्ग दिखाने वाला और लौटने पर क्षमा करने वाला प्रभु है। अंत में एक ईमानदार सवाल के साथ यात्रा शुरू होती है: “मुझे किसने पैदा किया?”